बेहतर अधिगम के लिए नवीन मीडिया टेक्नोलॉजी को अपनाएं: वीसी

रांची (सचिन कुमार) । रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश पाण्डेय ने कहा है कि वर्ग कक्ष में बेहतर अधिगम आउटकम के लिए शिक्षक नवीन मीडिया टेक्नोलॉजी को अपनाएं. साथ ही ब्लेंडेड लर्निंग तकनीक को अपनाएं और अधिगम मापन पर अपने आप को फोकस करें. प्रो. पाण्डेय आज रांची वीमेंस कॉलेज में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ‘लर्नर सेंटर्ड एजुकेशन’ विषयक राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे. इससे पहले कॉलेज की प्राचार्य डॉ. मंजू सिन्हा ने आगत अतिथियों का स्वागत किया. आयोजन सचिव डॉ. स्मृति सिंह ने सेमिनार का विषय प्रवेश कराया और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला.

रांची वीमेंस कॉलेज में सेमिनार को संबोधित करते पद्मश्री अशोक भगत

उद्घाटन सत्र के विशिष्ट अतिथि पद्मश्री अशोक भगत ने कहा कि शिक्षक बच्चों को सिखाने से पहले खुद सीखें. बच्चों को आदिवासी संस्कृति का ज्ञान दें. लोग गीतों और भाषा के संरक्षण में महती योगदान दें.  वे आदिवासी स्वाभिमान को आगे बढ़ाएं. उन्होंने कहा कि अगर भारत को जिन्दा रखना है तो आत्मा को जिन्दा रखना होगा. और भारत की आत्मा ही आदिवासी है.

मौके पर रांची विश्वविद्यालय के यूजीसी-ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक प्रो. अशोक कुमार चौधरी ने कहा कि स्कूली शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है. साथ ही अध्यापक शिक्षक को शिक्षा देना और भी महत्वपूर्ण है. इसलिए आजकल शिक्षण तकनीक के ब्लेंडिंग पर जोर डाला जा रहा है. कोर्स कंटेंट के डेवलपमेंट और मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेस को बढ़ावा दिया जा रहा है. शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. मालती महतो ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

सेमिनार में मौजूद प्रतिभागीगण

समारोह में रांची वि वि के डीएसडब्ल्यू प्रो. पी के वर्मा, पटना वि वि के शिक्षा संकाय अध्यक्ष प्रो. खगेन्द्र कुमार, डॉ. जी. बी. टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कुमार संजीव, ओडिसा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के स्टेट सिलेक्शन बोर्ड के सचिव डॉ. डी. के महापात्रा, डॉ. मीना सहाय, डॉ. वीणा थिरु, डॉ. अपराजिता झा, डॉ. तनवीर युनूस, डॉ. सुजीत कुमार द्विवेदी, शोभा तिर्की, डॉ. मालती महतो आदि मौजूद थे.




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *