महिलाओं की खोई हुई सम्मान को दर्शाता है ‘कागज की चिंदिया’

पटना । अन्तराष्ट्रीय दिल्ली फिल्म फेस्टिवल फिल्म “कागज की चिंदिया” का प्रेस कांफ्रेंस आज सिस्कोड टेक्नोलॉजी के स्टूडियो में किया गया. इस दौरान निर्देशक प्रो. सतीश चित्रवंशी, फिल्म प्रोड्यूसर अनुराधा चित्रवंशी, सिस्कोड टेक्नोलॉजी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज कुमार सिन्हा, सिस्कोड टेक्नोलोजी के डायरेक्टर प्रणति सिन्हा, एवं लता शरण भी उपस्थित थी. सिस्कोड टेक्नोलॉजी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज कुमार सिन्हा और उनकी पत्नी प्रणति सिन्हा ने कहा की बिहार में फिल्म सूटिंग होती जरुर है, मगर एडिटिंग के लिए मुंबई जानी पड़ती है. मगर अब फिल्म सूटिंग और एडिटिंग के लिए अब बहार जाने की जरुरत नही है. उन्होंने कहा कि फिल्म कागज की चिंदिया महिलाओं की पहचान और उनकी व्यवस्था को दर्शाता है. यह महिलाओं की खोई हुई सम्मान को दिखलाता है. कम बजट की यह फिल्म दर्शकों को खूब भाएगी. आगे उन्होंने कहा कि अब बिहार में पहली बार पोस्ट प्रोडक्सन का काम हमलोग करने जा रहे है, इससे जुड़े अन्य काम को लेकर दिल्ली मुंबई जाने की जरुरत नही है. दर्शकों ने फिल्म के कलाकारों के साथ फिल्म का आनंद लिया. इस फिल्म के विषय में निर्देशक सतीश चित्रवंशी ने कहा कि यह फिल्म आज के समाज का सही दर्पण है. यह फिल्म एक माँ की अपने बेटे के अधिकार की लड़ाई के सन्दर्भ में बताता है. उन्होंने कहा की यह फिल्म मध्यम वर्गीय फिल्म है जो की आज की महिलाओं को समर्पित है. यह फिल्म महिलाओं को खास ध्यान में रख कर बनाया गया है. फिल्म में उर्वशी, नयनिश मिश्र, सफलता श्रीवास्तव, विजय कुमार, वर्तिका चित्रवंशी,  आदि कलाकार है. डेढ़ घंटे की इस फिल्म की सूटिंग ईलाहाबाद और सबलपुर में हुई है. इससे पहले इस फिल्म को अन्तराष्ट्रीय दिल्ली फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया है.




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