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नियोजित शिक्षकों को दें समान काम के लिए समान वेतनमान: HC

पटना । पटना हाईकोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसले में नियोजित शिक्षकों को ‘समान काम के लिए समान वेतन’ देने का आदेश बिहार सरकार को दिया है. इससे राज्य के करीब साढ़े 4 लाख नियोजित शिक्षकों को इसका फायदा मिलेगा. मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेन्द्र मेनन और न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपाध्याय ने राज्य  सरकार को रेगुलर टीचर की तरह नियोजित शिक्षकों का वेतनमान फिक्स करने का आदेश दिया है. राज्य के नियोजित शिक्षकों को 8 दिसम्बर 2009 के प्रभाव से ही पुनरीक्षित वेतनमान देने का आदेश दिया है. साथ ही उन्हें 7वें वेतन  पुनरीक्षण का लाभ भी देना पड़ेगा. इसका फायदा उच्च माध्यमिक, माध्यमिक, मिडल और प्राइमरी स्कूल के नियोजित शिक्षकों को मिलेगा.

हाईकोर्ट ने कहा कि नियोजित शिक्षकों के नियोजन के लिए 2006 में अलग नियमावली बना कर बिहार सरकार ने ‘क्लास विदीन क्लास’ गठित करने का काम किया है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का सीधा-सीधा उल्लंघन है.

बिहार प्रदेश भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. सुधाकर प्रसाद सिंह और प्रवक्ता डॉ. कुमार संजीव ने संयुक्त बयान जारी कर नियोजित शिक्षकों को ‘समान काम के लिए समान वेतन’ दिए जाने के हाईकोर्ट के निर्णय को ऐतिहासिक करार दिया है. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ अपील करने की बजाय नियोजित शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान बगैर देर किये ही दे देना चाहिए. साथ ही बिहार सरकार को शिक्षक कैडर को पुनर्स्थापित कर देना चाहिए. इससे बिहार में स्कूली शिक्षा की स्थिति सुधर जाएगी.

 




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