राज्यपाल ने किया ‘विशेष आवरण एवं विरूपण’ का विमोचन

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पटना । प्रसिद्ध हृृदयरोग विशेषज्ञ स्व. डा. श्रीनिवास एक कुशल चिकित्सक होने के साथ-साथ, विद्वान लेखक, साहित्यकार, दार्शनिक और सब मिलाकर देखा जाय तो एक बेहद संवेदनशील इंसान के रूप में पूरी मानवता के लिए समर्पित थे. उपर्युक्त बातें महामहिम राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने डा. श्रीनिवास की जयंती के अवसर पर डाक विभाग द्वारा स्मृति-स्वरूप आयोजित ‘विशेष आवरण एवं विरूपण’ के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए कही. कार्यक्रम राजभवन पटना में आयोजित किया गया था. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री मलिक ने कहा कि हृदयरोग-चिकित्सा के क्षेत्र में विदेशों में चिकित्सा ग्रहण करने के बाद डा. श्रीनिवास ने पटना में इंदिरा गाँधी हृृदयरोग संस्थान के संस्थापक निदेशक के रूप में अपनी महत्त्वपूर्ण सेवाएँ दी. उन्होंने कहा कि देशी चिकित्सा पद्धति के विकास में भी डा. श्रीनिवास का योगदान महत्त्वपूर्ण है, जिन्होंने ‘पालीपैथी’ यानी एक बहुमुखी और सर्वजनसुलभ चिकित्सा-पद्धति का प्रणयन किया.
राज्यपाल ने कहा कि विज्ञान और अध्यात्म को एक दूसरे का पूरक माननेवाले डा. श्रीनिवास ने ‘स्पिरीटोमेट्री’ नामक एक किताब भी लिखी. वे एक श्रेष्ठ साहित्यकार और संवेदनशील व्यक्ति थे. कार्यक्रम के दौरान श्री मलिक ने बहुमुखी प्रतिभा के धनी डा. श्रीनिवास की स्मृति में ‘विशेष आवरण एवं विरूपण’ विमोचित करते हुए डाक विभाग को धन्यवाद भी दिया.
कार्यक्रम में माननीय पटना उच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश श्री राजेन्द्र प्रसाद, आचार्य किशोर कुणाल, डा. एस. एन. आर्या, प्रो. नवल किशोर चौधरी, सी.पी.एम.जी, एम.ई. हक, डा. तांडव आइंस्टाईन समदर्शी, डा. मंजू ठाकुर, किरण सिंह, निदेशक (डाक-सेवा), मनोज आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये. कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा सहित कई प्रसिद्ध चिकित्सक, बुद्धिजीवी एवं गणमान्य जन आदि भी उपस्थित थे.




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