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प्रो. रोयाना सिंह को बनाया गया बीएचयू का चीफ प्रॉक्टर

वाराणसी ( कुंवर पुष्पेंद्र प्रताप सिंह) । बीएचयू में छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले को लेकर बैकफुट पर आए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने प्रॉक्टोरियल बोर्ड का मुखिया बदल दिया है. बीएचयू की नई चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर रोयाना सिंह को बनाया गया है. बीएचयू के जनसंपर्क अधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि प्रो. रोयाना सिंह को नया चीफ प्रॉक्टर बनाया गया है.

इससे पूर्व बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर ओ. एन. सिंह ने बीएचयू में हुई हिंसा की जिम्मेदारी लेते हुए मंगलवार देर रात इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे को कुलपति ने मंजूर कर लिया था. शनिवार देर रात छेड़खानी के विरोध में धरने पर बैठी छात्राओं को हटाने के लिए वाराणसी पुलिस ने बल प्रयोग किया था. इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने वाराणसी के कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी थी. कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव राजीव कुमार को भेज दी जिसमें उन्होंने इस घटना के लिए बीएचयू प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था.
बी.एच.यू. छात्र परिषद के पूर्व महासचिव विकास सिंह का कहना है की डॉ. रोयना सिंह विश्वविद्यालय की पहली महिला चीफ प्रॉक्टर हैं अतः उनसे छात्र-छात्राओं की अपेक्षा है कि घटना की निष्पक्ष जांच करवाएं एवं छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी को सही और मानवीय तरीके से सुनश्चित करें. साथ ही साथ छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कार्यवाही को चिन्हित कर सख्त से सख्त कार्यवाही हेतु जिला एवं राज्य शासन को सन्तुति प्रदान करें.

वहीँ बी.एच.यू. के पूर्व छात्र शुभम सिंह ने नए चीफ प्रॉक्टर के माध्यम से कुलपति से कुछ प्रश्न का जवाब और उसका स्पष्टीकरण मांग दिया है. शुभम का कहना है कि कुलपति मामले को ले कर देश की जनता को भ्रमित कर रहे हैं. मेरा उनसे सीधा सवाल है :
(1.) ये बाहर से आए लोग ऐसा कर गये आपका प्रॉक्टोरियल बोर्ड और सुरक्षातंत्र क्या कर रहा था ?
(2.) ये पूरी घटना योजनाबद्ध तरीके से तय की गयी इसका मतलब है कि बाहर से आए लोग फैकल्टी -फैकल्टी, डिपार्टमेंट- डिपार्टमेंट, हॉस्टल – हॉस्टल घुमे होंगे तब विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्या किया?
(3.) बाहर से आए लोगों के चिन्हित होने पर प्रशासन ने ऐसा पुनः न हो उसके लिए कौन से उपयोगी कदम उठाए ?
(4.) क्या छात्रावास में घुस कर लाठीचार्ज भी बाहरी लोगों पर हुआ ? हॉस्टल प्रशासन इससे अनभिज्ञ कैसे था ?
(5.) विश्वविद्यालय प्रशासन कहता है की पेट्रोल बम फेंका गया क्या फेकने वाले विश्वविद्यालय के छात्र थे या बाहरी और अगर बाहरी थे तो लाठीचार्ज बीएचयू के विद्यार्थियों पर क्यों किया गया ?
वहीँ दूसरी ओर महिला आयोग, भारत सरकार की सदस्या रेखा शर्मा ने कुलपति और इस घटना में उनके क्रियाकलापों की घोर निंदा की है.




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